199788 तापमान \(300\, K\) से शुरू होकर \(1\) मोल द्विपरमाणुक आदर्श गैस \((\gamma=1.4)\) का पहले रूद्धोष्म प्रक्रिया द्वारा \(V _{1}\) आयतन से \(V _{2}=\frac{ V _{1}}{16}\) आयतन तक संपीडन किया जाता है। तत्पश्चात इसे समदाबीय प्रक्रिया द्वारा \(2 V _{2}\) आयतन तक प्रसारित होने दिया जाता है। यदि सभी प्रक्रियाएँ स्थैतिककल्प (quasi-static) हों तो गैस का अन्तिम तापमान का (निकटतम पूर्णांक \({ }^{\circ} K\) में) होगा।
199788 तापमान \(300\, K\) से शुरू होकर \(1\) मोल द्विपरमाणुक आदर्श गैस \((\gamma=1.4)\) का पहले रूद्धोष्म प्रक्रिया द्वारा \(V _{1}\) आयतन से \(V _{2}=\frac{ V _{1}}{16}\) आयतन तक संपीडन किया जाता है। तत्पश्चात इसे समदाबीय प्रक्रिया द्वारा \(2 V _{2}\) आयतन तक प्रसारित होने दिया जाता है। यदि सभी प्रक्रियाएँ स्थैतिककल्प (quasi-static) हों तो गैस का अन्तिम तापमान का (निकटतम पूर्णांक \({ }^{\circ} K\) में) होगा।
199788 तापमान \(300\, K\) से शुरू होकर \(1\) मोल द्विपरमाणुक आदर्श गैस \((\gamma=1.4)\) का पहले रूद्धोष्म प्रक्रिया द्वारा \(V _{1}\) आयतन से \(V _{2}=\frac{ V _{1}}{16}\) आयतन तक संपीडन किया जाता है। तत्पश्चात इसे समदाबीय प्रक्रिया द्वारा \(2 V _{2}\) आयतन तक प्रसारित होने दिया जाता है। यदि सभी प्रक्रियाएँ स्थैतिककल्प (quasi-static) हों तो गैस का अन्तिम तापमान का (निकटतम पूर्णांक \({ }^{\circ} K\) में) होगा।
199788 तापमान \(300\, K\) से शुरू होकर \(1\) मोल द्विपरमाणुक आदर्श गैस \((\gamma=1.4)\) का पहले रूद्धोष्म प्रक्रिया द्वारा \(V _{1}\) आयतन से \(V _{2}=\frac{ V _{1}}{16}\) आयतन तक संपीडन किया जाता है। तत्पश्चात इसे समदाबीय प्रक्रिया द्वारा \(2 V _{2}\) आयतन तक प्रसारित होने दिया जाता है। यदि सभी प्रक्रियाएँ स्थैतिककल्प (quasi-static) हों तो गैस का अन्तिम तापमान का (निकटतम पूर्णांक \({ }^{\circ} K\) में) होगा।